भारत का सबसे अनोखा रेलवे क्रॉसिंग! चारों तरफ से आती है ट्रेन फिर भी नहीं टकराती…

यदि आपने ट्रेन में सफर किया होगा तो रेलवे ट्रैक पर हर तरफ लगे पटरी के मकर जाल को जरूर देखा होगा। इसमें ऐसे आरे टेढ़े रास्ते बनाए गए होते हैं और पटरी को लगाया गया होता है जिसे समझना हमारे लिए काफी उलझन वाला टास्क होता है। आमतौर पर जब हम दो रेल पटरी को एक साथ पार करते हुए देखते हैं तो हमारे मन में यह सवाल उठ जाता है कि आखिर ट्रेन चालक कैसे इसे कंट्रोल करते हैं।

आज किस पोस्ट में हम बात करने वाले हैं भारत के एक ऐसे अनोखे रेलवे क्रॉसिंग के बारे में जहां पर चारों दिशाओं से ट्रेन आती है। फिर भी यहां पर एक दूसरे के साथ कोई टक्कर नहीं होता है और ना ही कोई एक्सीडेंट होता है। दरअसल रेल पटरिया के इस मकर जाल को डायमंड क्रॉसिंग कहते हैं।

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क्या होता है डायमंड क्रॉसिंग

डायमंड क्रॉसिंग रेलवे द्वारा बिल्कुल विशेष परिस्थितियों में बनाया जाता है जहां पर रेल पटरी को चारों तरफ से एक दूसरे के साथ क्रॉस कर सके। आमतौर पर रेलवे ट्रैक अक्सर एक लाइन में एक ही दिशा में बनाए जाते हैं। लेकिन डायमंड क्रॉसिंग रेलवे ट्रैक को एक दूसरे को काटते हुए बिल्कुल क्रॉस वाले अंदाज में तैयार किया गया होता है जैसा कि नॉर्मल एक किसी सड़क का चौराहा होता है। चार रेलवे ट्रैक जब दो-दो के हिसाब से आपस में मिलते हैं तो इसे ही रेलवे डायमंड क्रॉसिंग कहा जाता है।

इस डायमंड क्रॉसिंग के ऊपर ट्रेन हर अलग-अलग ट्रैक से गुजरता है जैसे कि आम सड़कों के चौदहों पर गाड़ियां गुजरती है। ट्रेन के गुजरने के दौरान दुर्घटना होने की रिस्क काफी बड़ा होता है इसे देखकर आपका सर चकरा जाएगा लेकिन अभी तक ऐसी दुर्घटना सामने नहीं आई है।

दरअसल यह सारा खेल समय का प्रबंध के अनुसार तय किया जाता है ट्रेनों को इस प्रकार से चलाया जाता है कि यह सभी ट्रेन आपस में बिना किसी टकराव के एक दूसरे को क्रॉस करते हुए सुरक्षित निकल सके।

भारत में कहां है डायमंड क्रॉसिंग

भारतीय रेल दुनिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क माना जाता है। भारत में इस प्रकार का डायमंड क्रॉसिंग संप्रीति नगर नागपुर में स्थित है। यहां पर दो ट्रैक एक दूसरे को क्रॉस करते हैं एक दक्षिण भारत से आता है वहीं दूसरा दिल्ली से आता है। पश्चिम मुंबई से भी एक ट्रैक आकर इसी जगह पर मिलता है। इस ट्रैक के ऊपर से दो ट्रेनों को एक साथ गुजारना बिल्कुल संभव है लेकिन टाइम मैनेजमेंट के अनुसार इस प्रकार से सेट किया गया होता है कि चारों ओर से आ रहे ट्रेनों को बिल्कुल अलग-अलग समय पर गुजारा जा सके।

From (Patna, Bihar) Rahul is the founder of blog vyaparkaro.com. Computer Science Engineer and Passionate Blogger. Rahul has got over 8+ years of experience with Technology and Automobile. He runs multiple online publications in India. You can contact him at [email protected]

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